20 वीं शताब्दी की उत्तरप्रदेशीय विद्वत् परम्परा
 
सुशील प्रकाश नागर
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जन्म 24 मार्च 1940
जन्म स्थान लखनऊ
स्थायी पता
गोरेगाँव, मुम्बई

सुशील प्रकाश नागर

सुशील प्रकाश नागर का जन्म 24 मार्च, 1940 को लखनऊ जनपद में हुआ था। इनके पिता का नाम भारती प्रकाश तथा माता का नाम सुशीला था। आपने अपनी आरम्भिक शिक्षा महाराणा प्रताप इण्टर कालेज, गोरखपुर से प्राप्त की। उच्च शिक्षा हेतु आप इलाहाबाद आ गये। यहीं पर रहते हुए इलाहाबाद विश्वविद्यालय से नागर जी ने एम.ए. तथा डी.फिल्. की उपाधि प्राप्त की। इन्होंने ‘‘भारवि की काव्य विषयक मान्यताएँ और उनके सन्दर्भ में किरातार्जुनीयम् का मूल्यांकन’’ विषय पर अपना शोधकार्य पूर्ण किया। किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय बहराइच के स्थापनाकाल 1960 से ही आपने इस महाविद्यालय में संस्कृत प्राध्यापक के रूप में अपनी सेवा आरम्भ की तथा 40 वर्षों तक संस्कृत की अनवरत सेवा करते हुए सन् 2000 ई. में एसोशिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष संस्कृत के पद से सेवानिवृत्त हुए। वर्तमान में आपके अनेक शिष्य शासन-प्रशासन तथा अध्यापनादि के क्षेत्र में विभिन्न महत्त्वपूर्ण पदों को सुशोभित कर रहे हैं। सम्प्रति आप गोरेगाँव, मुम्बई में अपने पुत्र के साथ निवास कर रहे हैं। नागर जी का विवाह 1964 ई. में कनकलता जी के साथ हुआ। आपके पुत्र विधु नागर तथा पुत्री श्रुति नागर सम्प्रति अपने-अपने कार्यक्षेत्र में सेवा दे रहे हैं।

आपने ‘मन्त्रसंचयः’ नामक एक ग्रन्थ सम्पादित किया जो ‘मूलचन्द एण्ड सन्स फैजाबाद’ से प्रकाशित है। इसके अतिरिक्त आपने ‘शुकनासोपदेशः’ ग्रन्थ पर अपना विस्तृत व्याख्याग्रन्थ लिखा जो ‘आत्माराम एण्ड सन्स लखनऊ’ से प्रकाशित है। इसके अतिरिक्त आपके अनेक शोधपत्र विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं। नागर जी भाषा के अत्यन्त धनी व्यक्ति हैं। आप हिन्दी, संस्कृत के साथ-साथ अंग्रेजी, गुजराती, भोजपुरी, अवधी, जर्मन तथा बंगाली भाषाओं पर भी अपना पूर्ण अधिकार रखते हैं।