20 वीं शताब्दी की उत्तरप्रदेशीय विद्वत् परम्परा
 
पण्डित जानकी नाथ शर्मा
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जन्म 05 जुलाई 1921
जन्म स्थान रामहुता
स्थायी पता
रामहुता,बिहार

पण्डित जानकी नाथ शर्मा

पण्डित जानकी नाथ शर्मा का जन्म 5 जुलाई 1921 ई० को बिहार के रोहतास जिले के विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक रोहतास किले के समीप रामहुता नामक गाँव में हुआ था । पिता का नाम पं० बलभद्र पाण्डेय, माता का नाम युगलवासी देवी था । आपके 4 पुत्र हैं । चारों अलग-अलग स्थानों पर सेवा कर रहे हैं । आपके एक पुत्र गीता प्रेस के सम्पादकीय विभाग में कार्य कर रहे हैं ।

आपकी प्रारम्भिक शिक्षा गाँव में हुई व उच्च शिक्षा काशी में पूर्ण हुई । आपने वर्ष 1950 ई० में साहित्य विषय लेकर आचार्य परीक्षा उत्तीर्ण की ।

आपने धर्म संघ शिक्षा मण्डल दुर्गा कुण्ड, काशी में अध्यापन कार्य किया । काशी में ही आपकी भेंट भाई हनुमान प्रसाद पोद्दार जी से हो गयी। यहीं आपके जीवन का निर्णायक समय रहा । पोद्दार जी ने आपको गीता प्रेस में संस्कृत पुस्तकों के अनुवाद व सम्पादन का दायित्व सौंपा ।

वर्ष 1955 से काशी से गोरखपुर रह कर आप अध्ययन व सम्पादन का कार्य करने लगे। यह कार्य अब भी आपका अब अनवरत रूप से चलता रहा। आपकी विद्वत्ता अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत और बाँग्ला भाषा में समान रही ।

रचनाएँ -  आपकी मूल रचना तो कोई नहीं है लेकिन सैकड़ों लेख विभिन्न पत्र - पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। आपके लेख ट्रूथ -अंग्रेजी, अमर भारती - संस्कृत - सरस्वती और आदि में बहुशः प्रकाशित हुये हैं। श्री स्वामी करपात्री जी की कृति “मार्क्सवाद और रामराज्य" को आपने अच्छे ढँग से सम्पादित करके प्रस्तुत किया है। इस पुस्तक की प्रस्तावना मे गंगाशरण मिश्र ने लिखा है कि "इस ग्रन्थ की पाण्डुलिपि में लेखों के अंश काट-काट कर एक साथ जोड़े गये थे, पर जानकी नाथ जी ने बड़े परिश्रम से इसको सजाया सँवारा है। इसमें कहीं-कहीं कुछ टूट जाना या कहीं पुनरावृति हो जाना स्वाभाविक था, तब भी लेखों का ऐसा क्रम बना दिया गया कि पढ़ने से विचारधारा कहीं टूटती नहीं।" इसके अतिरीक्त गीताप्रेस की सैकड़ों पुस्तकों का सरल व सुन्दर अनुवाद आपने प्रस्तुत किया है। इसी क्रम में वेदान्त मूलाङ्क हिन्दू संस्कृति अंक, पुराण अंक आदि विशेष प्रसिद्ध हैं। आपने काशी में "सिद्धान्त " पत्रिका का सम्पादन भी किया था ।