20 वीं शताब्दी की उत्तरप्रदेशीय विद्वत् परम्परा
 
अनिरुद्धमुनि पाण्डेय
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जन्म 13 जुलाई 1936
जन्म स्थान ग्राम ईशापुर
स्थायी पता
ग्राम ईशापुर अयोध्या

अनिरुद्धमुनि पाण्डेय

श्री अनिरुद्ध मुनि पाण्डेय जी का जन्म अयोध्या जनपद में सरयू नदी के तटवर्ती महात्मा शृंगीऋषि आश्रम से पूर्व में स्थित ईशापुर नामक ग्राम में 13 जुलाई, 1936 ई. को एक समृद्ध ब्राह्मण परिवार में हुआ। आपके पिता स्व. श्री रामकृपाल पाण्डेय व माता स्व. श्रीमती प्राणपती देवी थे। आपकी आरम्भिक शिक्षा स्थानीय प्राथमिक पाठशाला में हुई व माध्यमिक शिक्षा सेवागंज इण्टरकॉलेज से उत्तीर्ण की। उच्च शिक्षा के लिये आपने अयोध्या जनपद के प्रतिष्ठित शिक्षणसंस्थान का.सु.साकेत महाविद्यालय में प्रवेश लिया। वहाँ से आपने स्नातक तथा अंग्रेजी विषय से परास्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की। अंग्रेजी के छात्र होते हुए भी आपकी हिन्दी व संस्कृत साहित्य में पर्याप्त रुचि थी अतः अपने स्वाध्याय से आपने इन दोनों ही साहित्यों में महारथ प्राप्त किया।

अध्ययन समाप्त होने के बाद आपका चयन तात्कालिक फैजाबाद क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में प्रबन्धक के रूप में हो गया। बैंकिंग की व्यस्ततम सेवा होने के बाद भी आप अध्ययन के लिये निरन्तर समय निकालते रहे और श्री वाल्मीकीय रामायण, भगवद्गीता व श्रीमद्भागवतमहापुराण का भली भाँति अध्ययन कर उनमें प्रौढ ज्ञान अर्जित किया। 

आपका विवाह सन् 1982 में श्रीमती इन्दुलता पाण्डेय के साथ हुआ। आपकी तीन सन्तानों में दो पुत्र व एक पुत्री क्रमशः डॉ. विवेकानन्द पाण्डेय (सहायक अध्यापक, पाराशर विद्यामन्दिर इण्टर कॉलेज, पौसरा), श्रीमती ज्योति पाण्डेय (गृहिणी) तथा इंजी. स्वरूपानन्द पाण्डेय (लेखा परीक्षक, वायुसेना, मनौरी प्रयागराज) हैं।

 आपका हिन्दी, व अंग्रेजी तथा संस्कृत के पठन, लेखनादि में पर्याप्त अधिकार है। आपकी दो रचनाएँ हनुमच्चरितामृत (तत्सम हिन्दी महाकाव्य) तथा हनुमद्विनयकुंज (श्री हनुमान सुमिरिनी) प्रकाशित हैं। इसके अतिरिक्त नीराजन (भजन संग्रह) व कई मुक्तक काव्य अप्रकाशित हैं। सम्प्रति भगवद्गीता का हिन्दी छन्दानुवाद (श्रीरामचरित मानस की ही भाँति दोहे व चौपाइयों में) प्रगतिशील है।